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    कोरोना से नहीं निजी अस्पतालों के बड़े-बड़े बिलों से डर लगता है साहब

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    भाजपा के पूर्व विधायक डॉ. विनोद यादव रालोसपा में शामिल

    बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक डॉ. विनोद यादव बड़ी संख्या में अपने समर्थकों के साथ आज राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) में शामिल हो गए

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    आयाराम-गयाराम की प्रासंगिकता

    देश के कई राज्यों में इस वक्त चूहा दौड़ बिल्ली आई का खेल चल रहा है

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    आरक्षण से नहीं, दो पुरुषों को हराकर लोकसभा पहुँची हूँ : लेखी

    भारतीय जनता पार्टी के निशिकांत दूबे ने शुक्रवार को कहा कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण संबंधी कानून के बगैर भी दूसरे तरीकों से लोकसभा और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी बढ़ायी जा सकती है

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    कर्नाटक के बाद गोवा

    कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार को बचाने की कोशिशें चल ही रही थीं कि इस बीच गोवा से कांग्रेस के लिए बुरी खबर आ गयी

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    केन्द्रीय बजट से संबंधित कार्य योजना 15 दिन में केन्द्र को करें प्रेषित:योगी

    योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के केन्द्रीय बजट में अपने विभागों से सम्बन्धित योजना के सम्बन्ध में 15 दिन के भीतर कार्य योजना बनाकर केन्द्र सरकार को प्रेषित कर दी

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    शबाना की बात को सही साबित करती भाजपा

    फिल्मों के सीक्वल की तरह अब सरकारों के भी सीक्वल होने लगे हैं। कम से कम मोदी सरकार पार्ट टू को देखकर तो यही अहसास हो रहा है

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    सवाल केक का है

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का संसद में दो-सवा दो घंटे का बही-खाता विवरण मानो पर्याप्त नहीं था कि इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी को अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचकर पांच ट्रिलियन इकॉनामी का पुराण बांचना पड़ा

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    कर्नाटक के बहाने कुछ प्रश्नों पर विचार

    कर्नाटक में जेडीएस और कांग्रेस की गठबंधन सरकार मरणासन्न नजर आ रही है। पिछले साल हुए चुनाव में भाजपा ने सबसे अधिक 105 सीटें हासिल की थीं। 225 सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा बहुमत से जरा सी पीछे रह गई थी। हड़बड़ी में बी एस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ भी ले ली थी कि किसी भी तरह 113 का आंकड़ा जुटा लेंगे। लेकिन गोवा, मेघालय, मिजोरम जैसे प्रांतों में दूध की जली कांग्रेस ने कर्नाटक में छाछ फूंक-फूंक कर पीने की ठानी और अपने प्रतिद्वंद्वी जेडीएस से सत्ता के लिए गठबंधन कर लिया। इसके लिए कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद की दावेदारी भी छोड़ दी। 79 विधायकों के बावजूद सत्ता में दूसरे स्थान पर रहना उसने मंजूर किया और 37 विधायकों वाली जेडीएस को मुख्यमंत्री की कुर्सी दे दी। इन दोनों दलों के साथ बहुजन समाज पार्टी, कर्नाटक प्रग्न्यवंथा जनता पार्टी से एक-एक और एक निर्दलीय विधायक भी मिल गए। इस तरह एक मिली-जुली सरकार भाजपा को कर्नाटक की सत्ता से दूर रखने के लिए बनाई गई

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    राहुल गांधी ने कहा था-'सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों है' आज पटना कोर्ट में होगी पेशी

    बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के मानहानि केस की सुनवाई में पेश होने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी आज यानी शनिवार को पटना की अदालत में पेश होंगे। सुशील मोदी ने उनपर जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल किए जाने को लेकर मानहानि का मुकदमा दायर किया था जिसकी सुनवाई आज पटना के एमपी एमएलए कोर्ट में होगी।

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    चुनाव की चिंता

    जुलाई की शुरुआत में चुनाव से जुड़ी तीन खबरें सामने आईं, तीनों के मूल में निष्पक्ष चुनाव के लिए सत्तारूढ़ दल और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर जाहिर की गई चिंता थी। पहली खबर संसद से है, जहां 2 जुलाई को राज्यसभा में चुनाव सुधारों पर बहस हुई। जिसमें विपक्ष ने चुनावों में पैसे के इस्तेमाल और मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाए। नमो टीवी की भूमिका की चर्चा हुई, चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठे। एकतरफे चुनावी चंदे पर चिंता जतलाई गई। तमिलनाडु से सीपीएम के राज्यसभा सांसद टी के रंगराजन ने कहा कि चुनाव में कारपोरेट फंड बंद होना चाहिए। वहीं डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया पर फिर से विचार करने की जरूरत है। दूसरी खबर न्यायपालिका से है, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि ईवीएम में खराबी की रिपोर्ट करने को अपराध माने जाने वाले प्रावधान को हटाने की मांग वाली याचिका पर 2 हफ्तों के भीतर जवाब दें। दरअसल अभी चुनाव आयोग का ये नियम है कि अगर कोई भी व्यक्ति ईवीएम खराबी की शिकायत करता है और वो झूठी साबित होती है तो, शिकायत करने वाले को 6 महीने जेल या फिर जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।

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    योगी सरकार ने की 600 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई

    उत्तर प्रदेश में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने कड़े कदम उठाते हुए 600 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें 200 अधिकारी ऐसे हैं, जिन्हें पिछले दो साल में जबरन रिटायरमेंट दे दिया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री एवं प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया, "हमारी सरकार की भ्रष्ट और ढीले-ढाले अफसरों के खिलाफ 'जीरो टालरेंस' की नीति है। पिछले दो साल के दौरान अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्हें वीआरएस दिया गया है और कई अधिकारियों को चेतावनी दी गई है और उनके प्रमोशन रोक दिए गए हैं।"

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    फिर से जाति की राजनीति

    हाल में संपन्न आम चुनावों में भाजपा की जीत को कई तरह से व्याख्यायित किया गया और ये सिलसिला अब भी जारी है। भाजपा की शान में कुछ कहने, लिखने को आतुर तथाकथित राजनैतिक विश्लेषक और पत्रकार इसे नए भारत की जीत, विकास की जीत, राष्ट्रवाद की जीत, वंशवाद की राजनीति का पतन, परिवारवाद की राजनीति की हार और जाति-धर्म की राजनीति का अंत जैसे विशेषणों से समझा रहे हैं। वैसे लगता है कि इनका एकमात्र लक्ष्य भारतीय जनता को यह समझाना है कि अब मोदीजी और शाहजी ने देश की बागडोर संभाल ली है और वे पुरानी तमाम बुराइयों को जड़ से उखाड़ कर न्यू इंडिया बनाकर ही रहेंगे। ऐसे महानुभाव बड़ी आसानी से देश के मौजूदा परिदृश्य को अनदेखा कर देते हैं। विकास की असलियत अर्थव्यवस्था के आंकड़ों में झलक जाती है, वंशवाद और परिवारवाद के उदाहरण संसद से लेकर विधानसभाओं में दिख रहे हैं, धर्म के आधार पर समाज कितनी तेजी से बंट रहा है, यह प.बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र, असम, राजस्थान, उत्तरप्रदेश ऐसे तमाम राज्यों के राजनैतिक घटनाक्रम से स्पष्ट हो रहा है। और जिस जातिवाद को खत्म करने का दावा किया जा रहा है, अब उसकी पोल भी खुलने लगी है। ताजा उदाहरण उत्तरप्रदेश का है।

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    किससे डरते हैं मोदीजी

    खबर है कि मंगलवार को भाजपा संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, कि बेटा किसी का हो, ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार, जो पार्टी का नाम कम करता है, अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने कुछ गलत किया है तो कार्रवाई की जानी चाहिए। यह सभी पर लागू है।

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    पानी का आपातकाल

    भारत इस वक्त भयंकर जलसंकट और सूखे का सामना कर रहा है। प्रकृति से छेड़छाड़ और उसकी नेमतों की अनदेखी करने का नतीजा हम भुगत रहे हैं। लेकिन इस स्थिति की गंभीरता संपन्न वर्ग शायद तभी समझेगा, जब सरकार घोषणा कर दे कि भारत में इस वक्त पानी का आपातकाल लागू है। झुग्गी-झोपड़ियों और निचली बस्तियों में रहने वाले तो अक्सर ही ऐसे आपातकाल से जूझते हैं। वे सुबह-शाम पानी के टैंकरों का इंतजार करते हैं, और कड़ी जद्दोजहद से गुजारे लायक पानी हासिल करते हैं। पहले जो तालाब, बावड़ियां, पोखर उनके लिए उपलब्ध थे, उन पर भूमाफिया, प्रशासन और सरकार की गिद्धदृष्टि पड़ी और वे उनसे छीन लिए गए।

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    जरूरी मसलों पर जी-20 में खामोशी

    दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते तनाव और कमजोर होते आर्थिक विकास के बीच दुनिया की 20 सबसे ताकतवर अर्थव्यवस्था वाले देशों का शिखर सम्मेलन संपन्न हुआ। डोनाल्ड ट्रंप, शी जिनपिंग, ब्लादीमीर पुतिन, एंजेला मर्केल जैसे ताकतवर नेता जापान के ओसाका शहर में इक_ा हुए और उन्हीं बड़े-बड़े मुद्दों पर चर्चा की, वादे किए, जो बरसों से करते आ रहे हैं। जैसे पर्यावरण संरक्षण, आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ाई, महिला सशक्तिकरण, वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिक्कतें आदि।

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    गंगा एक्सप्रेसवे के लिये योगी सरकार ला सकती है अनुपूरक बजट

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे की जल्द शुरूआत के लिये सरकार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान एक हजार करोड़ रूपये का अनुपूरक बजट पेश कर सकती है।

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    भाजपा की नई पंचलाइन

    इंदौर में जर्जर मकान को हटाने गए नगर निगम अधिकारी के साथ भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय ने जिस तरह का सलूक किया, वह सर्वथा अस्वीकार्य है। आकाश ने न केवल सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाई, बल्कि अधिकारी को सरेआम क्रिकेट के बल्ले से पीटा, अपशब्द कहे। गनीमत है कि इस देश में अभी कानून का राज थोड़ा बचा हुआ है, इसलिए आकाश विजयवर्गीय को उनके तमाम राजनैतिक रसूख और दबंगई के बावजूद हिरासत में लिया गया और बताया जा रहा है कि 14 दिन तक वे जेल में रहेंगे। इस बीच उनकी जमानत की कोशिशें चल रही हैं। आज नहीं तो कुछ दिन बाद सही आकाश विजयवर्गीय बाहर आएंगे ही। क्या उसके बाद वे नियम-कानूनों का पालन करेंगे, ये बड़ा सवाल है। क्योंकि इस घटना के बाद उनका कहना था कि, 'यह सिर्फ शुरुआत है। हम इस भ्रष्टाचार और गुंडावाद को खत्म करेंगे। आवेदन, निवेदन और फिर दनादन, ये हमारा लाइन ऑफ एक्शन है।' क्या जेल से बाहर आने के बाद भी उनका यह लाइन आफ एक्शन जारी रहेगा?

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    फासीवाद की आहट

    मोदीजी लाख कह लें कि कांग्रेस को उसकी ऊंचाइयां मुबारक, वो जड़ों से जुड़कर ही खुश हैं, लेकिन सच यही है कि सत्ता का छठवां साल शुरु होने के बाद भी वे अपनी उपलब्धियां गिनाने से अधिक कांग्रेस को ही कोसने में लगे हैं। मंगलवार को लोकसभा और बुधवार को राज्यसभा में उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर संसद को संबोधित करते हुए बहुत सी बातें कहीं, जिनके केंद्र में कांग्रेस को कोसना ही था। बीते पांच-छह सालों से वे यही सब कहते आ रहे हैं, बस कहीं शब्द बदल जाते हैं, कहीं हाव-भाव, लेकिन भावना एक ही रहती है कि कांग्रेस को इतना भला-बुरा कहा जाए, ताकि आम जनता यही माने कि 70 सालों तक वह कांग्रेस की कैद में रही और अब भाजपा उसे मुक्ति दिलाने आई है।

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    औली (गार्ची) का भारतीयकरण

    उत्तराखंड के औली में हाल ही में एक बेहद खर्चीली शादी संपन्न हुई। मीडिया में इसे शाही शादी कहा गया। हम लाख लोकतंत्र की दुहाई दे दें, लेकिन राजशाही शायद हमारी मानसिकता से अभी गई नहीं है। इसलिए ताजपोशी, दरबार, खास और आम जैसे शब्द राजनैतिक संदर्भों में धड़ल्ले से इस्तेमाल होते हैं, जबकि लोकतंत्र में सभी आम हैं, सभी एक बराबर हैं। बहरहाल, लगभग 2 सौ करोड़ की यह शादी औली पर बहुत भारी पड़ रही है। दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के कारोबारी गुप्ता बंधुओं के दो बेटों की शादी पूरे रस्मोरिवाज और तामझाम के साथ संपन्न हुई। जिसमें मुख्यमंत्री, सांसद, योगगुरु के साथ-साथ फिल्मी सितारों ने भी शिरकत की। अब उदयपुर, गोवा जैसी जगहों के साथ-साथ औली जैसे सुंदर, पर्वतीय स्थल भी देसी और एनआरआई धनपशुओं के लिए डेस्टिनेशन वेडिंग हेतु सुलभ हो गए हैं।

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    विरल आचार्य की विदाई

    आर्थिक उदारीकरण के बाद भारतीय रिजर्व बैंक के अब तक के सबसे युवा डिप्टी गर्वनर विरल आचार्य ने अपना कार्यकाल समाप्त होने से 6 महीने पहले ही इस्तीफा दे दिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने निजी कारणों से इस्तीफा दिया है। वे अब फिर से न्यूयार्क यूनिवर्सिटी में अध्यापन का कार्य करेंगे और वहां अकादमिक सत्र अभी शुरु हो रहा है, संभवत: इसलिए वे समय से पहले आरबीआई छोड़ रहे हैं। लेकिन यह सीधा-सादा तर्क आसानी से स्वीकार नहीं हो रहा है और सवाल उठने लगे हैं कि विरल आचार्य को ऐसा कदम क्यों उठाना पड़ा?

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    अमेरिकी रिपोर्ट और मोदी सरकार

    अभी दो दिन मीडिया में सुर्खियां बनीं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया का सबसे ताकतवर नेता चुना गया है। दरअसल ब्रिटेन की पत्रिका ब्रिटिश हेराल्ड ने दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स (वर्ल्ड्स मोस्ट पॉवरफुल पर्सन-2019) को चुनने के लिए रीडर्स पोल करवाए। इसकी नामांकन सूची में दुनिया की 25 हस्तियों को शामिल किया गया था।

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    अमेठी में स्मृति ईरानी के साथ Dy CM केशव मौर्य ने किया विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से उनका अभेद्य किला छीनने वाली स्मृति जुबिन ईरानी ने आज अमेठी में जन कल्याण की कई योजनाओं का शिलान्यास तथा लोकार्पण किया। दो दिवसीय दौरे पर अमेठी पहुंचीं केंद्रीय महिला एवं बाल विकास व कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी के साïथ उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा जिला प्रभारी मंत्री मोहसिन रजा भी थे।

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    आपदा में पत्रकार

    बिहार के मुजफ्फरपुर से एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें एक लोकल चैनल का पत्रकार अपनी मोटरसाइकिल पर एक बीमार बच्चे और उसकी मां को अस्पताल पहुंचा रहा है

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    क्या राजधर्म निभाएंगे मोदी?

    'हम भारत में धर्मनिरपेक्ष राज की बात करते हैं। लेकिन संभवत: हिंदी में 'सेक्यूलर' के लिए कोई अच्छा शब्द तलाशना भी मुश्किल है। कुछ लोग समझते हैं कि धर्मनिरपेक्ष का मतलब कोई धर्मविरुद्ध बात है। यह बिल्कुल भी सही नहीं है। इसका मतलब तो यह है कि एक ऐसा राज जो हर तरह की आस्था का बराबर आदर करता हो और सबको समान अवसर देता हो; देश के तौर पर वह खुद को किसी खास आस्था या धर्म से न जुड़ने दे। ऐसा होने पर ही राजधर्म बनता है।''-पंडित जवाहर लाल नेहरू।

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    बच्चों की मौत पर अविचलित सरकार

    अगर घर में बच्चा बीमार हो तो पूरे घर-भर का ध्यान उस पर ही लगा होता है, किसी काम में मन नहीं लगता। बच्चा जल्द से जल्द ठीक हो जाए, फिर से हंसने-खिलखिलाने लगे, बस यही इच्छा रहती है। लेकिन विश्व को परिवार मानने वाले भारतीय समाज में शायद गरीब बच्चे परिवार का हिस्सा नहीं होते, इसलिए वसुधैव कुटुम्बकम वाली सोच के लोग, दो बच्चों की मौत हो या सौ की, जरा भी विचलित नहीं होते।

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    नए इंडिया का नया सत्र

    17वीं लोकसभा का पहला सत्र 17 जून से शुरु हो गया, जो 26 जुलाई तक चलेगा। इस सत्र में तीस बैठकें होनी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण कार्य संपादित होने हैं। नई सरकार का पहला बजट 5 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। उससे पहले लोकसभा के अध्यक्ष और डिप्टी स्पीकर का चुनाव होगा। पिछले कार्यकाल में अटके हुए कुछ विधेयकों को पारित कराने की कोशिश नए सिरे से सरकार की ओर से होगी। इस बार भाजपा पहले से अधिक सीटों के साथ विजयी हुई है, इसलिए उसके हौसले बुलंद हैं और रणनीतियां पहले से अधिक पैनी नजर आ रही हैं। दूसरी ओर विपक्ष की सीटें ही नहीं घटी हैं, उसका रूतबा भी घटता नजर आ रहा है, शायद इसलिए एक निराशा का भाव विपक्ष में झलक रहा है।

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    डाक्टरों की हड़ताल

    प. बंगाल में जूनियर डाक्टरों की हड़ताल इन पंक्तियों के लिखे जाने तक जारी है। हड़ताली डाक्टर और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोनों में कोई भी अपने हठ को छोड़ने तैयार नहीं है और उनके इस झूठे अहम की लड़ाई में गरीब मरीज बेमौत मारे जा रहे हैं। प. बंगाल के डाक्टरों को देश भर के डाक्टरों ने अपना समर्थन, सहानुभूति और साथ दिया, नतीजा यह हुआ कि देश के कई राज्यों के सरकारी अस्पतालों में मरीज इलाज के लिए तड़पते नजर आए।

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    दिल्ली के एम्स, सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने हड़ताल वापस ली

    अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने पश्चिम बंगाल के प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के समर्थन में घोषित अपनी एक दिवसीय हड़ताल शनिवार को वापस ले ली

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    उप्र में अपराधों का सच

    उत्तरप्रदेश बार काउंसिल की पहली महिला अध्यक्ष दरवेश यादव की आगरा की दीवानी कचहरी में दिनदहाड़े हत्या से हर संवेदनशील इंसान स्तब्ध है। मौत से दो दिन पहले ही दरवेश ने प्रयागराज में हुए बार काउंसिल के चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी हरिशंकर सिंह के साथ बराबरी की जीत हासिल की थी। दोनों को 12-12 वोट मिले थे। बराबर वोट पाने के कारण बार काउंसिल ने सर्वसम्मति से पहले 6 महीने में दरवेश सिंह को बार काउंसिल का अध्यक्ष रहने की सहमति प्रदान की थी और अगले 6 महीने बाद बार काउंसिल के अध्यक्ष के तौर पर हरिशंकर सिंह को शपथ लेना था। इस तरह दरवेश ने उप्र बार काउंसिल में एक नया इतिहास रचा था।