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पांच साल की गार्ड की नौकरी, अब क्रैक किया JNU एंट्रेंस एग्जाम

Adhunik Samachar

राजस्थान के रहने वाले राजमल मीणा की कहानी बताती है कि अगर जुनून हो तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है

'कौन कहता है आसमां में सुराख हो नहीं सकता है, एक पत्थर तो तबीयत से उछालों यारों।'  राजस्थान के रहने वाले राजमल मीणा के ऊपर दुष्यंत कुमार की ये पंक्तियां बिल्कुल सटीक बैठती हैं। जी हां, राजमल ने यह साबित किया है कि लक्ष्य कैसा भी हो, अगर उसका पीछा किया जाए तो उसेे हासिल किया जा सकता है।  देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्‍थानों में गिने जाने वाले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में बतौर सिक्योरिटी गार्ड तैनात रामजल मीणा ने उसी यूनिवर्सिटी में 'रशियन लैंग्वेज' में एंट्रेंस एग्जाम क्रैक किया है।

राजस्थान के एक छोटे से गांव के रहने वाले राजमल ने अपनी शुरुआती पढ़ाई वहीं से की है। हालांकि, इसके बाद पारिवारिक जिम्मेदारी के चलते उन्हें बीच में पढ़ाई छोड़ दी। लेकिन जिद्द थी, हार न मानने की। राजमल ने सीखने की ललक नहीं छोड़ी। वह साल 2014 में JNU में बतौर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी शुरू की। इसके बाद भी पढ़ते रहे। पिछले साल ही उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान, इतिहास और हिंदी में ग्रेजुएशन किया।

2014 से ही राजमल ने जेएनयू में एडमिशन के लिए तैयारी शुरू की। इस मई 2019 में उन्होंने एग्जाम दिया और अब उसे क्रैक भी करके दिखा दिया। वह 'रशियन लैंग्वेज' में बैचलर कोर्स करेंगे। जेएनयू को लेकर विवादों का एक अपना रिश्ता है, लेकिन जब ऐसी खबरें आती है तो सब बदला-बदला सा नजर आता है। अब राजमल जेएनयू में रहकर पांच साल पढ़ाई करेंगे। वो कहते हैं न, अगर जुनून हो तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है। राजमल की कहानी इसे सही साबित करती है।