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त्‍वचा पर लाल पपड़ीदार घाव है स्किन कैंसर के संकेत, जानें इसके प्रकार और बचाव के तरीके

Adhunik Samachar

त्वचा का कैंसर (Skin Cancer) दुनिया भर में सबसे आम प्रकार के कैंसरों में से एक है ये बाकी सभी कैंसर की तरह किसी को भी हो सकता है लेकिन कुछ लोगों को इसका जोखिम अधिक होता है। जिन लोगों के बाल व आंखों का रंग हल्का हो उनके लिए ये जोखिम बढ़ जाता है। स्किन कैंसर, अप्राकृतिक त्वचा कोशिकाओं या ऊतकों की असामान्य वृद्धि है। यह आमतौर पर शरीर के उन अंगों में विकसित होते हैं जो सूर्य की रोशनी के संपर्क में ज्यादा होते हैं, लेकिन ये नियमित रूप से सूरज की रोशनी न मिलने के वजह से भी हो सकता है। आंकड़े बताते हैं कि भारतीय पुरुषों में महिलाओं की तुलना में त्वचा कैंसर लगभग 70 प्रतिशत अधिक होता है। 

  • बेसल सेल कार्सिनोमा त्वचा कैंसर का सबसे सामान्य रूप है इससे हर साल लगभग 90 प्रतिशत लोग पीड़ित होते हैं। ये अक्सर सिर या गर्दन पर ज्यादा होते हैं। 
  • स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा इस प्रकार का त्वचा कैंसर आपकी त्वचा की बाहरी हिस्सों में विकसित होता है, और यह बेसल सेल कार्सिनोमा की तुलना में अधिक नुकसानदेह होता है। यह आपकी त्वचा पर लाल, पपड़ीदार घावों के रूप में दिखाई दे सकता है।
  • मेलेनोमा त्वचा कैंसर सबसे कम होता है, लेकिन ये सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। वास्तव में, यह सिर्फ एक प्रतिशत लोगो को होता है लेकिन यह हर साल त्वचा कैंसर से होने वाली अधिकांश मौतों का कारण बनता है। ज्यादातर त्वचा कैंसर सूरज से सुरक्षा उपायों के जरिये आसानी से रोका जा सकता है।
  • दिन में सूरज से बचें, सूरज से बचना सबसे अच्छा उपाय है, इससे आपको उन सनबर्न से बचने में मदद मिलती है जो त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं और त्वचा कैंसर को बढ़ावा देते हैं।

    शरीर पर तेल की मालिश करने से भी त्वचा कैंसर का खतरा कम हो सकता है। इसके लिए जिस तेल में एसपीएफ की मात्रा होती है उसी तेल से शरीर पर मालिश करें। मालिश करने के लिए बादाम का तेल, नारियल का तेल इस्तेमाल कर सकते है। यह तेल हमारी त्वचा का सूरज की तेज किरणों से भी बचाव करते हैं और त्वचा कैंसर के खतरेको कम करते हैं। 

    सनस्क्रीन साल भर लगायें, सर्दियों में या आकाश में बादल छाए रहने पर भी सनस्क्रीन का प्रयोग करें। ये सभी हानिकारक यूवी विकिरण (Radiation) को फिल्टर करते हैं, विशेष रूप से जो मेलेनोमा का कारण बन सकता है।  30 या उच्चतर के एसपीएफ़ वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का प्रयोग करें। ये यूवीए और यूवीबी किरणों दोनों से सुरक्षा प्रदान करता है।

    वातावरण में फैल रहे प्रदूषण से खुद को हमेशा बचाने का प्रयास करें। प्रदूषण आपकी त्वचा को न सिर्फ बाहरी नुकसान पहुंचा सकता है बल्कि इसकी वजह से आपको त्वचा कैंसर भी हो सकता है।

    हमेशा सुरक्षात्मक कपड़े पहनें, जैसे कि लंबे बाजू वाली शर्ट, पैंट और धूप में निकलने पर टोपी और धूप चश्में का प्रयोग करे।  टैनिंग बेड से बचें, टैनिंग बेड यूवी किरणों का उत्सर्जन (Emission) करते हैं और आपकी त्वचा कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं।

  • त्वचा कैंसर से बचाव के लिए विटामिन डी की सही मात्रा लें। यह हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ त्वचा को सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से भी बचाकर त्वचा कैंसर के खतरे को भी कम करता है।

  • अपनी त्वचा की नियमित रूप से नई त्वचा की वृद्धि या मौजूदा मोल्स, फ्रीकल्स, बम्प्स और बर्थमार्क में बदलाव की जांच करते रहे यदि आपको अपनी त्वचा पर कोई बदलाव दिखता है तो बोर्ड प्रमाणित त्वचा विशेषज्ञ से मिलें।